-87 गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी से 24 घंटे निगरानी, गोवंश संरक्षण को मिली तकनीकी मजबूती
अयोध्या। निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अयोध्या जनपद में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के सभी 87 गो-आश्रय स्थलों में अब वाई-फाई, सोलर एवं सिम बेस्ड सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर दो-दो कैमरे लगाए गए हैं।
एक कैमरा प्रवेश द्वार पर स्थापित किया गया है, जिससे आने-जाने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके, जबकि दूसरा कैमरा गोशाला के अंदर लगाया गया है, जिसके माध्यम से गोवंशों की स्थिति, भूसा, हरा चारा, पानी, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।
सोलर व सिम बेस्ड कैमरों से निर्बाध निगरानी
कैमरे सोलर बेस्ड होने के कारण सूर्य की रोशनी से चार्ज होकर बिना बिजली बाधा के लगातार कार्य कर रहे हैं। वाई-फाई एवं सिम आधारित प्रणाली के चलते मोबाइल फोन व ऐप के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग को कहीं से भी आसानी से देखा जा सकता है। सभी कैमरों की स्थापना ग्राम पंचायत निधि से की गई है।
विकास भवन में कंट्रोल रूम से निगरानी
सभी 87 गो-आश्रय स्थलों की निगरानी के लिए अयोध्या विकास भवन में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। यहां 11 विकास खंडों के अलग-अलग ग्रुप बनाकर टेलीविजन स्क्रीन पर एक बार में चार-चार कैमरों की लाइव स्थिति देखी जाती है। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी बारी-बारी से सभी गो-आश्रय स्थलों की सतत निगरानी करते हैं और किसी भी कमी के पाए जाने पर तत्काल निवारण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
कैमरा प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं
सीसीटीवी कैमरे 360 डिग्री रोटेशन की क्षमता से युक्त हैं, जिससे गोशाला के अंदर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी संभव है। स्मार्ट डिटेक्शन सेंसिटिविटी के माध्यम से गतिविधियों का स्वतः पता चलता है। ह्यूमन डिटेक्शन एवं स्मार्ट ट्रैकिंग से केयरटेकर व अन्य मानव गतिविधियों की पहचान कर नोटिफिकेशन और क्लिप क्लाउड स्टोरेज में सुरक्षित होती है।डिटेक्शन एरिया सेटिंग से नाद, बैठने के स्थान, साफ-सफाई व भूसा भंडारण की निगरानी की जा सकती है। सायरन सेटिंग अवांछनीय गतिविधियों को रोकने में सहायक है। नाइट विजन मोड से रात्रि में भी स्पष्ट दृश्य उपलब्ध होते हैं, जिससे चोरी और गोवंशों के बाहर निकलने की घटनाओं पर रोक लगी है। डिवाइस कॉल सुविधा के माध्यम से ऐप से गोशाला में मौजूद लोगों से सीधे संवाद भी किया जा सकता है।
देख-रेख में आया उल्लेखनीय सुधार
इस प्रणाली से गोशालाओं में पाई जाने वाली कमियों का तुरंत पता चल रहा है। समय पर भूसा, हरा चारा, पानी एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होने से सुरक्षा, स्वच्छता और गोवंशों की देख-रेख में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सीसीटीवी निगरानी से गो-आश्रयों में बढ़ी पारदर्शिता, 14,800 निराश्रित गोवंश सुरक्षित: सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 87 गो-आश्रय स्थलों में अब तक 14 हजार 800 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी आधारित निगरानी व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और गो-आश्रयों की व्यवस्थाएं पहले से अधिक प्रभावी और विश्वसनीय हुई हैं। सोलर बेस्ड सिम सीसीटीवी प्रणाली के केंद्रीकृत संचालन से अयोध्या के सभी गो-आश्रय स्थलों की निगरानी अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और दक्ष हो गई है। इससे निराश्रित गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्था मजबूत हुई है और पूरी प्रणाली अब अधिक सुदृढ़ एवं भरोसेमंद बन गई है।