– आस्था के साथ विकास, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का हो रहा कायाकल्प
अयोध्या। भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि पिछले नौ वर्षों में धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभरी है। प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2025 में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंचे हैं। यह आंकड़ा न केवल अयोध्या के आकर्षण को दर्शाता है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के पर्यटन विकास की गति को भी रेखांकित करता है।
राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2017 में जहां करीब 1.78 करोड़ श्रद्धालु आए थे। वहीं 2025 में तो रिकॉर्ड स्तर 29.96 करोड़ पर वृद्धि देखी गई, जिससे अयोध्या विश्व के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्थलों में शुमार हो गई। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसमें अमेरिका, जापान, रूस आदि देशों से आने वाले श्रद्धालु शामिल हैं। दीपोत्सव, राम नवमी और अन्य उत्सवों के दौरान तो रोजाना लाखों श्रद्धालु सरयू नदी के घाटों और मंदिर परिसर में उमड़ पड़ते हैं।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहा सेवा क्षेत्र
अयोध्या का सेवा क्षेत्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ऑनलाइन दर्शन बुकिंग जैसी सुविधाएं श्रद्धालुओं को सहज अनुभव दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास और विरासत के मंत्र के तहत अयोध्या को विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने का कार्य निरंतर चल रहा है।
मंदिरों और धार्मिक स्थलों का कायाकल्प
योगी सरकार ने अयोध्या के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के अलावा हनुमान गढ़ी, कनक भवन, नया घाट, राम की पैड़ी आदि धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया गया। आधुनिक सुविधाओं से लैस रोशनी, साफ-सफाई, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर यातायात व्यवस्था ने श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाया है। सड़कों का चौड़ीकरण, एयरपोर्ट का विस्तार, रेल कनेक्टिविटी में सुधार और बस स्टेशनों का आधुनिकीकरण श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करा रहा है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे मॉडल अपनाया गया है, जिससे गांवों की संस्कृति भी पर्यटकों तक पहुंच रही है।
होटल और आवास सुविधाओं में तेजी से विस्तार
अयोध्या में होटल और आवास सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और लग्जरी रिसॉर्ट्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। टाटा समूह सहित कई बड़े निवेशक यहां निवेश कर रहे हैं। पहले जहां सीमित सुविधाएं उपलब्ध थीं, अब आधुनिक एसी कमरे, रेस्तरां, वाई-फाई और अन्य सुविधाओं से युक्त होटल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, बढ़ते पर्यटकों की मांग को देखते हुए आवास क्षमता कई गुना बढ़ाई गई है, जिससे कोई भी श्रद्धालु बिना ठहरने की चिंता के अयोध्या आ सके।
पर्यटन से स्थानीय रोजगार के नए अवसर, स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त
धार्मिक पर्यटन ने अयोध्या की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। स्थानीय लोगों को होटल, रेस्तरां, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, प्रसाद और स्मृति चिन्ह बिक्री जैसे क्षेत्रों में रोजगार मिल रहा है। अनुमान है कि पर्यटन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इससे युवाओं का पलायन रुका है और स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त हुई है।
व्यापार में मुनाफा, रोजाना हजारों की बिक्री
स्थानीय व्यापारी ओम प्रकाश राम की पैड़ी के पास एक प्रसाद और स्मृति चिन्ह की दुकान चलाते हैं, बताते हैं कि पहले दिन में मुश्किल से 200-300 रुपये का कारोबार होता था। अब राम मंदिर के बाद रोजाना हजारों रुपये का बिक्री हो रही है। पर्यटकों की भीड़ से हमारी आय कई गुना बढ़ गई है। योगी जी की सरकार ने सड़कें और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की, जिससे लोग आराम से आ-जा रहे हैं। हमारी पीढ़ियां अब यहां रहकर अच्छा जीवन यापन कर रही हैं।
पहले खाली ही रहता था गेस्ट हाउस, अब महीनों पहले बुकिंग
स्थानीय निवासी राजेश कुमार बताते हैं कि वह जो छोटा गेस्ट हाउस चलाते हैं। कहते हैं मंदिर आने से पहले हमारे यहां खाली कमरे पड़े रहते थे। अब तो बुकिंग महीनों पहले हो जाती है। विदेशी पर्यटक भी आ रहे हैं, जो हमारी संस्कृति देखकर बहुत खुश होते हैं। सरकार की योजनाओं से हमें ट्रेनिंग और लोन मिला, जिससे हमने अपना व्यवसाय बढ़ाया। अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विकास का प्रतीक बन गई है।
आने वाले वर्षों में पर्यटन राजस्व हजारों करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
अयोध्या की अर्थव्यवस्था अब मुख्य रूप से पर्यटन, आस्था और होटल उद्योग पर आधारित हो गई है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में पर्यटन राजस्व हजारों करोड़ तक पहुंच सकता है। यह विकास न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था और निरंतर विकास कार्यों ने अयोध्या को एक नई पहचान दी है। रामनगरी अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि आस्था, संस्कृति और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बन चुकी है। बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और विकास कार्यों से स्पष्ट है कि भगवान श्रीराम की नगरी भविष्य में और अधिक चमकने वाली है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।