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कृषि विश्वविद्यालय में नहीं रुक रहा करोना का कहर

– विवि के वैज्ञानिक डॉ. के.के. श्रीवास्तव व सेवानिवृत्त यू.पी. सिंह और डॉ. पी.एन. सिंह के निधन निधन पर शोक की लहर

मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में वैश्विक महामारी करोना से लगातार हो रहे वैज्ञानिकों एवं कर्मियों के निधन से पूरे विश्वविद्यालय में शोक की लहर एवं भय का माहौल व्याप्त हो गया है। विश्वविद्यालय में कार्यरत वैज्ञानिक गेहूं एवं जौ अभीजनक डॉ के के श्रीवास्तव करोना से संक्रमित थे, जिनका इलाज जिला चिकित्सालय अयोध्या में चल रहा था। कल उनकी तबीयत अचानक ऑक्सीजन लेवल कम होने से खराब होने लगी थी, जिस हेतु विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कर्मी ऑक्सीजन हेतु प्रयास कर रहे थे।

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कुलपति ने व्यक्तिगत् रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बेहतर चिकित्सा एवं ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने हेतु संपर्क स्थापित किया था, फिर भी वैज्ञानिक डॉ श्रीवास्तव को बचाया न जा सका। आज प्रातः डाँ के के श्रीवास्तव का निधन हो गया। 53 वर्षीय डॉ श्रीवास्तव मूल रूप से जनपद वाराणसी के निवासी थे, जिनका फैजाबाद में स्थित वाल्दा कॉलोनी में अपना निजी आवास था, इनकी प्रारम्मिक शिक्षा फैजाबाद, स्नातक, स्नात्कोतर एवं पी एचडी इसी कृषि विश्वविद्यालय से हुयी थी।

डॉ श्रीवास्तव के पिता जी डाँ आर के लाल भी विश्वविद्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक थे । प्रसार निदेशालय में कार्यरत वाराणसी के सेवानिवृत्त उद्यान वैज्ञानिक डॉ पी एन सिंह एवं कृषि महाविद्यालय के सुल्तानपुर निवासी सेवानिवृत्त प्रयोगशाला सहायक यू पी सिंह का रविवार को निधन हो गया था। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने दुःख जताते हुए कहा कि डॉ के के श्रीवास्तव डॉ पी एन सिंह एवं यू पी सिंह के निधन पर अत्यंत दुःख पहुंचा है। इनके निधन से विश्वविद्यालय को अपूरणीय क्षति हुई है, दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं विश्वविद्यालय द्वारा शोक सभा का आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई एवं 2 मिनट का मौन धारण कर मृतक आत्माओं की शांति हेतु प्रार्थना की गई।

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