-विश्व का सर्वाधिक हथकरघा वस्त्र उत्पादक देश भारत, हथकरघा उद्योग से जुड़़ी हैं देश की लगभग चालीस लाख महिलाएं

अयोध्या।जनपद के अमानीगंज विकास खंड में वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से ओंकार सेवा संस्थान द्वारा पूरे दला में स्थापित केला रेशा प्रदर्शन इकाई पर पैंतालिस दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। उपरोक्त प्रशिक्षण में क्षेत्र की 30 महिलाएं हथकरघा पर वस्त्र निर्माण बुनाई का प्रायोगिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त कर रही हैं जिन्हें प्रतिदिन तीन सौ रुपया प्रशिक्षण भत्ता भी प्राप्त होगा। कुल तेरह हजार पांच सौ रुपए प्रशिक्षण के उपरांत सीधे उनके खाते में डी बी टी के माध्यम से भेजा जाएगा।
कार्यक्रम समन्वयक सूर्य कुमार त्रिपाठी ने बात चीत के दौरान कहा कि भारत विश्व के बीस देशों को हथकरघा उत्पाद निर्यात करता है, जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा आयातक देश है।निर्यात होने वाले प्रमुख हथकरघा उत्पादों में चटाई ,गद्दियां,गलीचा,तकिया कवर,चादर आदि हैं। जबकि भारतीय रेशमी स्कार्फ की मांग पूरे विश्व में सर्वाधिक है ।
हथकरघा उद्योग में सत्तर प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं ।पूरे भारत वर्ष में लगभग पच्चीस लाख हथकरघा मशीन स्थापित हैं जिनके माध्यम से लगभग चालीस से पैंतालिस लाख महिलाएं रोजगार प्राप्त कर रही हैं । आने वाले समय में अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में हथकरघा उत्पाद के रूप में होगी। ओंकार सेवा संस्थान द्वारा की गई पहल पर वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से अयोध्या में हथकरघा कलस्टर स्थापित किया जाएगा, जिसके उपरांत हजारों महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार प्राप्त होगा
।केंद्र पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के अतिरिक्त पढ़ाई करने वाली कुछ लड़कियां भी कार्य कर रही हैं तथा बहुत आकर्षक उत्पाद भी तैयार कर रही हैं। उनके उत्पादों में गमछा,तौलिया,स्टाल तथा अन्य घरेलू उत्पाद मुख्य हैं। बी ए द्वितीय वर्ष की छात्रा हिमांशु द्वारा बहुत ही निपुणता से तैयार किया गया आकर्षक स्टाल तथा हथकरघा पर बुनाई का कार्य सराहनीय रहा।
प्रभा,उषा मौर्य,शिवानी शुक्ला,पूजा मिश्रा,कामिनी तिवारी,मिथिलेश,अनीता मौर्य चक्की वाली,गुडंबा,जनकलली , गीता कौशल ,रेखा सिंह सहित सभी तीस महिलाएं उपरोक्त प्रशिक्षण से काफी खुश है तथा भविष्य में मिलने वाले रोजगार को लेकर काफी उत्साहित और आशान्वित भी हैं ।