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कृषि विश्वविद्यालय में महामारी के बाद स्वास्थ्य विषय पर हुआ वेबीनार

-मानव स्वास्थ एवं पशु स्वास्थ पर हुई चर्चा

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय द्वारा नाहेप परियोजना के अंतर्गत् मेधा लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से विश्व में महामारी के बाद एक स्वास्थ्य विषय पर वेबीनार का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह के कुशल नेतृत्व एवं अध्यक्षता में आयोजित किया गया ।

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जिसमें देशभर के 136 पशु चिकित्सा विशेषज्ञ, पशु चिकित्सा छात्रों के साथ-साथ सामुदायिक विज्ञान तथा मत्स्य विज्ञान के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ सिंह ने सभी पशु चिकित्सकों को विश्व पशु चिकित्सा दिवस की बधाई दी तथा उनके द्वारा दी जा रही पशुओं को चिकित्सकीय सेवाओं की सराहना की । उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान पशु चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पशु चिकित्सा सेवाओं की सराहना करते हुए उसे और अच्छी बनाने हेतु निर्देशित किया । वेबीनार के मुख्य वक्ता आईसीएआर के पूर्वोत्तर शोध संस्थान मेघालय के प्रधान वैज्ञानिक, पशु मानव स्वास्थ्य, डॉ संदीप घटक ने पशु मानव स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पशुओं से मानव में तथा मानव से पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों, कारक तथा उनसे बचाव के उपाय के बारे में जानकारी दी ।

डॉ घटक ने चिकित्सा विज्ञान तथा पशु चिकित्सा विज्ञान को एक साथ मिलकर विभिन्न जूनोटिक बीमारियों के बचाव एवं रोकथाम पर कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय के निदेशक, प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ आर०के० जोशी ने महाविद्यालय के विभिन्न क्रियाकलापों तथा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। वेबीनार की आयोजक सचिव डॉ नमिता जोशी ने मानव स्वास्थ्य तथा पशु स्वास्थ्य का महत्व, महामारीओं का इतिहास, उनसे होने वाले नुकसान तथा उनसे बचाव के बारे में चर्चा की। डॉ जोशी ने बताया कि विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर ई पोस्टर, ई पेंटिंग, तथा ऑनलाइन क्विज कंपटीशन का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन सह आयोजक सचिव डॉ सत्यव्रत सिंह ने किया ।

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विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि वेबीनार को सफल बनाने मे नाहेप परियोजना के मुख्य अन्वेषक तथा सह संरक्षक डॉ देवाशीष नियोगी, सह आयोजक सचिव डॉ जितेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त आयोजक सचिव डॉ जसवंत सिंह, डॉ देश दीपक सिंह, डॉ भूपेंद्र सिंह, डॉ रमाकांत, डॉ सोनू जयसवाल, डॉ विभा यादव तथा मेधा लर्निंग के श्री विशाल व श्री विशेष ने अहम योगदान दिया । संयुक्त आयोजक सचिव डॉ देश दीपक सिंह ने सभी आगंतुकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया ।

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