मधुमेह रोग बीमारियों का एक समूह:डाॅ. सैय्यद सैफुल्लाह

    • मधुमेह रोग से लड़ने के लिए विवि चलायेगा विशेष जागरूकता अभियान: कुलपति

    • मधुमेह रोग के दुष्प्रभावों एवं जटिलता विषय पर हुआ व्याख्यान

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    फैजाबाद। डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं नोवार्टिस हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड मेटाबोलिक्स के संयुक्त तत्वाधान में मधुमेह रोग के दुष्प्रभावों एवं जटिलता विषय पर संत कबीर सभागार में एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता फिजीशियन एवं मधुमेह रोग विशेषज्ञ, भूतपूर्व चिकित्सक विवेकानन्द हाॅस्पिटल, लखनऊ के डाॅ0 सैय्यद सैफुल्लाह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने की।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि मनुष्य का स्वस्थ रहना आवयश्क हैै। बीमारियां अपने समय से हमारे शरीर पर हावी हाने लगती है लेकिन उन्हें दिमाग पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डाक्टरों को पूरी ईमानदारी से अपने पेशे में काम करना चाहिए क्योंकि जरा सी चूक मरीज के लिए खतरा बन सकती है। बीमारियां आने से पहले ही दस्तक देती है लेकिन हम उन पर ध्यान नहीं देते क्योंकि जागरूकता की कमी है। आज जागरूकता की कमी से बहुत सी जाने समय से पहले चली जाती है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा मधुमेह रोग से लड़ने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। जिससे लोग स्वस्थ जीवन जी सके।
    कार्यक्रम में मुख्य वक्ता फिजीशियन एवं मधुमेह रोग विशेषज्ञ डाॅ0 सैय्यद सैफुल्लाह ने कहा कि विश्व भर में वर्ष 2015 में मधुमेह से पीड़ित 73 करोड़ मरीज थे और वर्ष 2040 में यह संख्या बढ़कर 1,123 करोड़ हो जायेगी। उन्होंने बताया कि मधुमेह रोग बीमारियों का एक समूह है जो इंसुलिन के ठीक से काम न करने के कारण से हो रहा है। इसका उपचार आवश्यक है क्योंकि यह गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है जैसे दिल का दौरा पड़ना, लकवा मारना, गुर्दे का खराब होना, आॅखों की रोशनी का कम होना, पैरो में सड़न होना आदि। डाॅ0 सैफुल्लाह ने बताया कि मधुमेह रोग के कुछ लक्षण है जैसे बहुत ज्यादा प्यास एवं भूख लगना, आॅखों की रोशनी कम होना, वजन कम होना, कटे घाव का न भरना, ज्यादा पेशाब होना। उन्होंने कहा कि मधुमेह का सबसे असरदार इलाज परहेज एवं व्यायाम है। समय-समय पर अपने चिकित्सक से सलाह लेते रहे।
    कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 आशुतोष सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारम्भ माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वजन के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन बायोकमेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ0 फारूख जमाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य नियंता प्रो0 आर0एन0राय, प्रो0 आर0एल0 सिंह, प्रो0 एस0के0 रायजादा, प्रो0 के0के0 वर्मा, प्रो0 एस0एस0 मिश्रा, डाॅ0 वन्दना रंजन, डाॅ0 नीलम यादव, डाॅ0 नरेश चैधरी, डाॅ0 अनिल यादव, डाॅ दीप शिखा, डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डाॅ0 अभिषेक कन्नौजिया, डाॅ0 विनय मिश्रा, डाॅ0 राज नारायण पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।