-निदेशक की शिकायत पर केंद्र प्रभारी समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
अयोध्या। कैंट थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्प्ताल में कर्मियों की ओर से धोखाधड़ी कर 36 लाख 81 हजार गबन किये जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण में निदेशक की शिकायत पर केंद्र प्रभारी समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
मामले में द्वारिकापुरी हांसापुर स्थित झुनझुनवाला अस्पताल के निदेशक डॉ गिरिजेश तिवारी ने एसएसपी को शिकायत दी थी। शिकायत में उनका कहना है कि औचक निरीक्षण में 1,96,276 रूपये का एक संदिग्ध बिल मिला जो रिजेक्शन में था। पूछताछ में बिलिंग प्रभारी ने सेंटर हेड से बकाया पैसा मिलने पर संस्था के खाते में जमा कराने की बात कही।
यह बात सामने आई कि केंद्र प्रभारी के निर्देश पर वह क्यूआर कोड के माध्यम से बिल अपने निजी खाते में जमा करा रहा है। टीम से आडिट कराई गई तो पता चला कि तीनों साजिश कर पैसों में हेराफेरी कर फर्जी बिल बना घोखाधड़ी और गबन कर रहे हैं। इन्होने मरीजों के बिलों को रदद कर6,20,885 रूपये,रिवेट के नाम पर 4,95,840.12 रूपये,कैश कनी में 5,03,116.82 का बिल चेंज कर 6,36,696 रूपये तथा मरीजों से नगद रकम लेने के बावजूद आयुष्मान पोर्टल के माध्यम से 7,61,641 रूपये हडप लिया। मिलीभगत कर तीनों ने कुल 36,81,367 रूपये गबन किया है। मामला प्रकाश में आने के बाद न कोई जवाब दे रहे और न ही फोन उठा रहे।
कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह का कहना है कि एसएसपी के निर्देश पर झुनझुनवाला अस्पताल के केंद्र प्रभारी पंकज मणि निवासी एमिटी विद्यालय के पीछे,गाजियाबाद,बिलिंग प्रभारी अमनदीप यादव निवासी एमजीएस अस्पताल पंजाबी बाग़, पश्चिमी दिल्ली तथा आईटी प्रमुख पृथ्वीनाथ मिश्र निवासी सुमाही खुर्द, जिला कुशीनगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्रकरण की विवेचना शुरू कराई गई है।