सीएम योगी ने अयोध्या के विकास कार्यों का लिया जायजा

कहा -1947 के बाद सरकारों ने राम के नाम से किया परहेज

अयोध्या। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की नगरी अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों के अन्तर्गत हरि की पैड़ी के तर्ज पर राम की पैड़ी का सौदर्यीकरण व विकास कार्य का जायजा भी लिया। तदोपरान्त राम की पैड़ी पर चल रहे भजन स्थल के निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होनें भजन स्थल के ऊपर से जा रहे हाई वोल्टेज बिजली के तारो से बचाव हेतु सुरक्षित उपाय करने तथा भजन स्थल व अन्य सभी निर्माण कार्यो को समय से व गुणवस्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसके बाद उन्होंने बस स्टेशन के निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया, उन्होनें कहा कि निर्माणाधीन बस स्टेशन छोटा है इसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाये ताकि उसमें 400 से 500 बसों को खड़ा किया जा सके। इससे पहले मुख्यमंत्री हनुमानगढ़ी में बजरंगबली जी का दर्शन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कहा कि जो लोग नकारात्मक राजनीति कर रहे थे, जनता ने उन्हें खारिज किया। देश सुरक्षित है तो धर्म सुरक्षित है। दुनियाभर की अपेक्षाओं के अनुसार भगवान राम की भव्य मंदिर बने, यही हमारी कामना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने योग को वैश्विक मान्यता दिलाई है। संविधान की मूल प्रति में भगवान राम का चित्र है। कृष्ण का संदेश था लेकिन 1947 के बाद सरकारों ने राम के नाम से परहेज किया। आज अयोध्या में विकास की योजनाएं चल रही है। पूरी दुनिया में अयोध्या की पहचान रामजन्म भूमि से है। हम सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए है वो है राष्ट्रधर्म का लक्ष्य। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे विश्व में अयोध्या राम के नाम से जानी जाती है, इसलिए सबसे पहले हमने नगर निगम अयोध्या किया, जिला का नाम अयोध्या किया। मतलब हम सभ्यताओं और परंपराओं को संजोकर रखेंगे। अयोध्या का समग्र विकास होना चाहिए और दो साल पहले हमने इसी पर काम किया है। दीपोत्सव में अयोध्या में विभिन्न राष्ट्र अध्यक्षों को निमंत्रण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष देश के अंदर बड़ी घटनाएं हुई हैं। सभी पूज्य संतों ने अपना आशीर्वाद मोदी जी को दिया है। ये भारत को दुनिया की महाशक्ति बनाएगा। दुनिया के सामने मानवता के कल्याण का मार्ग भारत से ही प्रशस्त होगा। दुनिया में करुणा और मैत्री का संदेश भारत ने दिया है, यही वजह है कि आज पूरी दुनिया को भारत की ओर देखना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त, संपन्न और समृद्धशाली राष्ट्र ही शांति और सौहार्द की बात कर सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस गति से विकास किया है उससे पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की साख बढ़ी है। इलाहाबाद में संपन्न कुंभ मेले की सफलता का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहली बार यूनेस्को ने कुंभ को सांस्कृति उत्सव की मान्यता दी। पहला कुंभ ऐसा रहा जिसमें दुनिया के 193 देशों के लोगों ने भागीदारी की। यूपी में 80 सीटों पर लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए हैं। जो लोग नकारात्मक राजनीति कर रहे थे, वो सभी लोग इस चुनाव में खारिज कर दिए गए। देश की जनता ने इस चुनाव में अपना मन बता दिया की मजबूत सरकार से देश, देश से धर्म और धर्म में हम सभी सुरक्षित रहेंगे।
इस अवसर पर मा0 मंत्री संस्कृति लक्षमी नारायण चैधरी, मंत्री श्वाती सिंह, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, निदेशक सूचना शिशिर, मण्डलायुक्त मनोज मिश्र, आईजी अयोध्या जोन डा0 संजीव गुप्ता, प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ अभिषेक आनन्द, एडीएम सिटी वैभव शर्मा आदि अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री के दरबार पहुंचा घाटों के निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला

अयोध्या। गुप्तारघाट के घाटों के निर्माण का भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री के दरबार में पहुचा। भाकपा नेता सूर्य कांत पाण्डेय ने मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर उन्हें ज्ञापन भेजकर घाटों के निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मानकों को आवाम से छुपाने की नीयत से निर्माण स्थल पर मानक बोर्ड नहीं लगाया गया है।
भाकपा नेता ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि निर्माण के पूर्व कापर डैम के निर्माण में केवल पचास फीसद बोल्डर ही प्रयुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सीढ़ियों के निर्माण के नीचे सीसी ब्लॉक का निर्माण करना था मगर वह नाम मात्र किया गया, उसमें भी मोरंग की जगह सफेद बालू लगाया गया है। ज्ञापन में सीमेंट सरिया बेचकर केवल पचास प्रतिशत निर्माण में प्रयोग किया गया है। अयोध्या को विश्व में पर्यटन मानचित्र पर लाने के उम्मीदों पर पानी फेरने का षड्यंत्र किया जा रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नदियों में निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है जो पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने निर्माण की जांच टीएसी से कराकर दोषी अधिकारियों को दंडित करने की मांग किया है।

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