राज्य महिला आयोग सदस्य ने सुनी महिलाओं के उत्पीड़न की समस्याएं

अयोध्या। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुमन सिंह ने सर्किट हाउस में जनपद अयोध्या के महिला उत्पीड़न की रोकथाम एवं पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाए जाने सम्बन्धी बैठक सम्बन्धित थाने के क्षेत्राधिकारी के साथ महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वहां पर उपस्थित महिलाओं की उत्पीड़न सम्बन्धी समस्याओं को गम्भीरता से सुना। उनके सम्मुख कुल 10 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए जिसमें दो छेड़छाड़, एक मारपीट, दो घरेलू हिंसा तथा पंाच जमीनी विवाद से सम्बन्धित कुल 10 शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए।
राज्य महिला आयोग की सदस्या ने महिलाओं के उत्पीड़न से सम्बन्धित शिकायती प्रार्थना पत्रों को गम्भीरता से देखते हुए पीड़ित महिलाओं के प्रकरणों को निस्तारण हेतु सम्बन्धित क्षेत्रों के थानो एवं नगर निगम के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों के वस्तुत स्थिति से अवगत कराते हुए उनके शिकायतों को तत्काल निस्तारण करने के आदेश दिए। इसी के साथ बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी विभाग में पीड़ित महिला के प्रार्थना पत्र प्राप्त हो वह विभाग पीड़ित महिला के प्रकरणों को मौके पर जाकर जांच करते हुए सत्यापन कर उस प्रकरण का निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होनें कहा कि जिस विभाग में महिला पीड़िता आती है उस शिकायत उसके उत्पीड़न की रहती है। इसलिए उस विभाग की पूर्ण जिम्मेदारी होगी कि उसकी समस्या का समय से निस्तारण करें और उसका लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज करके रखें, प्राप्त शिकायतें में कितने प्रकरणों का निस्तारण किया गया कितने का नही इसका भी उल्लेख रखें, जो निस्तारित नहीं हो सका तो क्यों नहीं हुआ। इसका पत्रावली में पूरा उल्लेख रहना चाहिए। जिससे मैं अगली बैठक में उस शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के प्रति की गई कार्यवाहियों से पूर्ण रूप से अवगत हो सकूं।
उन्होनें कहा कि क्योकिं हमारे सरकार की मंशा है कि हमारे समाज की कोई भी महिलाओं का कहीं भी उत्पीड़न न हो। उनके जो भी समस्या हो जिस विभाग से सम्बन्धित हो उसे विभाग से उचित सहयोग और उचित न्याय मिलना चाहिए। उन्होनें कहा कि हमारे सरकार की योजनाओं में कन्या, सुमंगला योजना भी चलाई गई है। उसका भी लाभ महिलाओं को समय से मिलना चाहिए। विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन के अन्तर्गत पात्र महिलाओं के प्राप्त प्रार्थना पत्रो का सत्यापन कर उक्त योजनाओं का लाभ दिया जाए।

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