भटकी बालिका की सहारा बनी एसआई वंदना शर्मा

सौतेले पिता मुर्तजा हक ने सोनी तिवारी को किया घरबदर

अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में दर-दर भटक रही 14 वर्षीय बालिका सोनी तिवारी के लिए आरजेबी थाना की एसआई वंदना शर्मा सहारा बनीं। राम गुलेला तिराहा पर एक बालिका को रोती बिलखती देख एसआई वंदना के हृदय में मानवता जग गयी। उन्होंने बालिका से पूंछतांछ किया तो रोती बिलखती बालिका ने बताया कि वह राधिक प्रसाद तिवारी निवासी नबस्ता गौरा चैराहा जनपद बलरामपुर की रहने वाली है। मेरे माता पिता मुझे लेकर अयोध्या आये और राम गुलेला तिराहा पर मुझे खड़ा करके लापता हो गये। एसआई वंदना ने बताया कि चूंकि सोनी तिवारी भूंख से व्याकुल थी इसलिए उसे भोजन कराया गया और आरजेबी थाना ले जाया गया। अभी बालिक आरजेबी थाना में पुलिस के संरक्षण में है 14 वर्षीय बालिका को किन कारणों से उसके माता पिता ने अयोध्या में लाकर भटकने को छोड़ दिया इसकी जानकारी नहीं हो पायी है फिलहाल पुलिस ने बलरामपुर थाना पुलिस को सूचना दे दी है। जबतक बालिका के माता पिता नहीं आ जाते सोनी तिवारी पुलिस अभिरक्षा में रहेगी।
एसआई वंदना शर्मा ने भटकी बालिका की दुख भरी कहानी बताया। उन्होंने बताया कि सोनी तिवारी का पिता राधिका प्रसाद तिवारी उर्फ मुर्तजा हक घूम-घूमकर पूरे देश में चूड़ी बेचने का काम करता है। सोनी तिवारी का मां रेनू तिवारी को वह मुर्तजा हक बहला फुसलाकर बलरामपुर भगा लाया था उस समय रेनू के पहले पति से पैदा हुई सोनी गोद में थी। मुर्तजा ने अपना नाम बदलकर राधिक प्रसाद तिवारी कर लिया और बलरामपुर जनपद के गौरा बजार में आकर रहने ल लगा। इसबींच मुर्तजा हक से रेनू तिवारी के दो बच्चे हुए और यहीं से शुरू हुआ सोनी तिवारी का दुर्दिन। सोनी ने पुलिस को बताया कि उसका पिता उसे मारता पीटता है मां बेबश है और वह कुछ नहीं कह पाती। पिता के दबाव में ही रेनू व व उसका कथित पिता रामजन्मभूमि दर्शन के बहाने उसे लेकर अयोध्या आये और राम गुलेला चैराहे पर बैठाकर दोनो लापता हो गये। एसआई वंदना बताती हैं कि गौरा बाजार थाना के एसएचओ को सूचना भेज दी गयी है यदि रेनू और मुर्तजा सोनी तिवारी को अपने साथ रखने को तैयार नहीं हुए उसे किशेरी शरणालय भेज दिया जायेगा।

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