भगवान श्रीराम का जीवन सभी के लिये अनुकरणीय: डा. चैतन्य

विवेक सृष्टि के तत्वावधान में श्रीराम प्राकट्योत्सव

अयोध्या-फैजाबाद। श्रीराम प्राकट्योत्सव के अवसर पर विवेक सृष्टि एवं श्रीराम दर्शन यात्रा के तत्वावधान में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण में हमारी भूमिका विषय पर एक चिंतन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विवेक सृष्टि के अध्यक्ष योगाचार्य डॉ चैतन्य की अध्यक्षता में उपस्थित जनसमुदाय ने श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण हेतु पूर्ण मनोयोग से समर्पण का संकल्प लिया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ चैतन्य ने श्रीराम मन्दिर निर्माण हेतु समस्त राष्ट्रभक्त नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी भारतवासियों का रक्तचरित्र श्रीराम की वन्शानुकृति ही है। न केवल भारतवर्ष अपितु सम्पूर्ण विश्व में भगवान श्रीराम का आदर्श चरित्र हम सभी के लिये अनुकरणीय है। श्रीराम ने अपने कर्तृत्व से हमारे समक्ष मानव जीवन का आदर्श रखा है। भगवान श्रीराम ने मनुष्य के चारित्रिक- सामाजिक एवं राष्ट्रीय जीवन हेतु सर्वाेच्च आदर्श की स्थापना की। एक आदर्श राजा, आदर्श व्यक्तित्व एवं आदर्श समाज हेतु राम राज्य की संकल्पना ही भारतीय जनमानस एवं भारत की प्रकृति का प्रतिनिधित्व करती है।

यात्रा संगठक राधेश्याम त्यागी ने श्रीराम दर्शन यात्रा के सम्बन्ध में बताया कि जनपद के ११ ब्लाकों के समस्त ८३६ ग्राम पंचायतों को १४४ शक्ति केन्द्रों में विभाजित कर यात्रा के ७१ दिवसों में प्रत्येक ग्राम हेतु एक दिन निश्चित किया गया है। अभियान के अंतर्गत अबतक ५४ दिन की यात्रा सकुशल पूर्ण हो चुकी है १४ अप्रैल २०१८ को यात्रा के समापन अवसर पर आयोजित श्रीराम समरसता संगम में जनपद के ग्रामीणांचल एवं अन्य जनपदों से रामभक्तों के सहभागी होने की सम्भावना है।

कार्यक्रम का प्रारम्भ भगवान श्रीराम के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप-प्रज्जवलन के पश्चात आर डी इंटर कालेज के शिक्षक सुदीप तिवारी द्वारा श्रीरामचरितमानस के कुछ अंशों के वाचन से हुआ संगीत सांधक श्री सुमधुर के राष्ट्रभक्ति पूर्ण संगीत प्रस्तुति ने कार्यक्रम में अविष्मरणीय संस्कारमय वातावरण बनाया।

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उक्त संगोष्ठी में योगाचार्य वीरेन्द्र शास्त्री, दिनेश कुलभूषण दास, ने अपने विचार व्यक्त किये।   कार्यक्रम में विवेक सृष्टि के मन्त्री राजेश मंध्यान, कोषाध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, ज्ञानेन्द्र श्रीवास्तव, विवेक शुक्ल, भगवान दास, पवन पाण्डेय, प्रवीण सिंह, डॉ० आर के सिंह, सूर्य भान पाण्डेय, सहजराम यादव, त्रिभुवन यादव, राजेश वर्मा, राजेन्द्र मिश्र, विनोद पाण्डेय, स्मृता तिवारी, सीमा तिवारी, स्मृता तिवारी, रंजना सिंह, ममता श्रीवास्तवा, रीता मिश्रा आदि अनेकों गणमान्यजन एवं साधकगण उपस्थित रहे।

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