वाद-विवाद प्रतियोगिता में वैशाली ने दूसरा स्थान बना बढ़ाया गौरव

‘सोशल मीडियाः वरदान या अभिशाप‘ विषय पर हुई प्रतियोगिता

फैजाबाद। अखिल भारतीय हेमवती नन्दन बहुगुणा स्मृति समिति द्वारा उ.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा जन्म शताब्दी वर्ष पर अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कनवेंशन सेन्टर लखनऊ में 23 सितम्बर को अर्न्तविश्वविद्‍यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता के समापन समारोह का आयोजन किया गया। अर्न्तविश्वविद्‍यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय “सोशल मीडिया देश के युवा के लिए वरदान या अभिशाप” रहा। प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा, अध्यक्षता विजय बहुगुणा व मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य इंडिया टी0वी0 के मुख्य संपादक रजत शर्मा तथा पर्यटन मंत्री प्रो0 रीता जोशी रही। इस प्रतियोगिता में डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की एम0ए0 प्रथम वर्ष की छात्रा वैशाली सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त करते हुए 31 हजार की राशि से पुरस्कृत किया गया। यह प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की गई थी जिसके अंतिम चरण में विश्वविद्यालय की छात्रा वैशाली सिंह ने शानदार उद्बोधन में आत्म-विश्वास से लबरेज अपने विषय पर सटीकता से तर्कपूर्ण व्याख्यान दिया जिससे प्रभावित होकर निर्णायक मंडल व दर्शकों ने खूब सराहा।
ज्ञातव्य हो कि उक्त प्रतियोगिता का द्वितीय चरण का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में राज्यस्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए वैशाली सिंह ने अंतिम चरण पर अपना स्थान बनाते हुए विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। वैशाली सिंह की इस सफलता पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में अनेकों हीरे है जो चमकने के लिए बेताब है। हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय की छात्र-छात्राएं सभी क्षेत्रों में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करे। विश्वविद्यालय के बायोकमेस्ट्री विभाग के प्रो0 फारूख जमाल को वाद-विवाद प्रतियोगिता का जिम्मेदारी दी गई थी जिसे पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते हुए प्रतिभागियों का समय-समय पर उत्साहवर्धन किया और उन्हें विजय के लिए प्रेरित करते रहे। इस प्रतियोगिता के आयोजन में अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो0 आशुतोष सिन्हा, डाॅ0 विनोद कुमार चैधरी व कार्यपरिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है।

इसे भी पढ़े  नुक्कड़ नाटक से समझाया मिशन शक्ति का उद्देश्य

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More