तीज त्यौहार भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग: ममतानी

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फैजाबाद। तीज त्यौहार भारतीय संस्कृति और सभ्यता के मुख्य और अभिन्न अंग हैं। यह बातें भारत के प्रमुख शहरों के भ्रमण पर निकले महाराष्ट्र के शहर नागपुर के कलगीधर सत्संग मण्डल के प्रभारी व समाजवादी पूरनलाल ममतानी ने जनपद आगमन पर कही। श्री ममतानी सिन्धी समाज के जत्थे के साथ रामनगर कालोनी के संत सतरामदास दरबार में पहुॅंचे, जहाॅं पर सांई नितिन राम की अगुवाई में एसएसबी मण्डल व सिन्धी समाज की कई सामाजिक संस्थाओं ने जत्थेदारों का स्वागत किया। इस मौके पर श्री ममतानी ने कहा कि सिन्धी समाज के तीज त्यौहार, उत्सव, महोत्सव बरकरार रहे यही यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर की पहचान हमारे सिन्धी त्यौहारों का भरपूर प्रचार-प्रसार हो ताकि सिन्धी त्यौहार जिन्दा रहे। इसके लिये उन्होंने युवा पीढ़ी का आवाहन करते हुए कहा कि सिन्धी तीज त्यौहार व उत्सव महोत्सव में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। इस मौके पर सांई नितिन राम ने कहा कि सिन्धी समाज के सभी पुराने त्यौहार साहित्य, कला, सिन्धु, संस्कृति व सभ्यता से जुड़े हुए हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि बड़े-बड़े शहरों में आज की युवा पीढ़ी ने पुरानी सिन्धु सभ्यता व संस्कृति से जुड़े तीज त्यौहारों का रंग फीका कर दिया है। आज की युवा पीढ़ी व मार्डन पीढ़ी त्यौहारों में रूचि नहीं ले रही है जिससे सिन्धु संस्कृति पर खतरा मंडरा रहा है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे उ0प्र0 सिन्धी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश ओमी ने बताया कि यात्रा में 160 महिलाये, पुरूष व बच्चे शामिल हैं। 16 सितम्बर से यात्रा प्रारम्भ हुई है जो काठमाण्डू नेपाल, गोरखपुर, बस्ती होते हुए जत्थेदारों ने अयोध्या दर्शन के उपरान्त रामनगर कालोनी के संत सतरामदास दरबार पहुॅंचे, जहाॅं पर सांई नितिन राम की अगुवाई में ओम प्रकाश केवलरामानी, बलराम खत्री, हरीश सावलानी, उमेश संगतानी, नकुलराम, जयराम दास केवलरामानी, गोपीचन्द मंध्यान, लखन केवलरामानी, मुकेश रामानी आदि ने स्वागत किया।

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