सद्आचरण सभी धर्मो का सार: डा.सुनीता शास्त्री

सबका मालिक एक है विषय पर हुई संगोष्ठी

अयोध्या। शिरडी सांई संघ द्वारा तुलसी स्मारक सदन के सभागार में शिरडी सांई के समाधि शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत आयोजित संगोष्ठी सबका मालिक एक है में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुये डा.सुनीता शास्त्री ने कहा कि सभी धर्मो का सार एक है। विभिन्न धर्मो में पूजा पद्वति अलग हो सकती है, लेकिन आचार विचार संस्कार, शिष्टाचार के पालन की बात कही गयी है। डा.सुनीता शास्त्री ने कहा कि राम चरित्र मानस की चैपाईयों से शिरडी सांई के जनहित कार्यो का विस्तार से वर्णन करते हुये कहा कि सांई राम के अन्दर चमत्कारिक शक्तियां थी। उन्होने सभी धर्मो का समान रूप से पालन करने का अपने शिष्यों को संदेश दिया और कहा कि श्रद्वा सबूरी का पालन कर मानव की सेवा करना ही सभी धर्मो का तत्व है। इसलिए सभी धर्मो के अनुयायी उनको देव व गुरू के रूप में पूजते है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जैन मंदिर के मनोज कुमार जैन ने कहा कि अयोध्या सर्वधर्म सम्भाव की नगरी है। भगवान राम का मर्यादा पुरूषोत्तम का आचरण सामाजिकता का सकारात्मक संदेश देता है। अयोध्या राम की जन्मस्थली के साथ साथ सभी धर्मो को अपने अंदर समाहित किये हुये है। विशिष्ट वक्ता सरदार चरनजीत सिंह ने कहा कि सभी धर्म मर्यादित आचरण का पालन करते हुये सद्मार्ग पर चलने की शिक्षा देते है। कार्यक्रम की शुरूआत शिरडी सांई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि से हुई। कार्यक्रम का संचालन सुधीर शशि ने किया। कार्यक्रम के संयोजक सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने अतिथियों एवं कार्यक्रम में पधारे भक्तों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में अशोक सिन्हा, सुनील साहू, जितेन्द्र श्रीवास्तव, निहारिका श्रीवास्तव, रेखा सिन्हा, सुमन त्रिवेदी, विनीता, अनिल त्रिवेदी, प्रेमचन्द्र निषाद, आकाश सिन्हा, श्याम नारायण एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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