संतोष दूबे पर मुकदमा सत्तापक्ष की बौखलाहट: डा. एच.बी. सिंह

  • कहा विनाशकाले विपरीत बुद्धि की कहावत को चरितार्थ कर रही है भाजपा

  • अन्य हिन्दू वादी व सामाजिक कार्यकर्ता सत्ता के निशाने पर, कभी भी हो सकती है उनकी गिरफ्तारी

फैजाबाद। धर्मसेना के संस्थापक व शिवसेना प्रदेश उपप्रमुख संतोष दूबे के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किये जाने से हिन्दू महासभा, क्षत्रीय महासभा, शिवसेना, धर्मसेना, अयोध्या धाम समिति सहित अन्य हिन्दूवादी व राष्ट्रवादी संगठनों तथा सामाजिक संगठनों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। शाने अवध सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान साकेत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डाॅ0 एच0बी0 सिंह ने कहा कि संतोष दूबे के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया जाना यह दर्शाता है कि सत्ता पक्ष बुरी तरह बौखला गयी है इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि सत्तापक्ष अपने विरूद्ध उठने वाली आवाजों को पूरी तरह से कुचलने के लिए निरंतर कुचक्र रच रही है। सत्ता को बनाये रखने के लिए भाजपा अंग्रेजों की ही दमनकारी व विभेदकारी नीति पर चलने का मन बना चुकी है। चूंकि 2 नवम्बर को अयोध्या में लाखों राम भक्तों का जमावड़ा होना था और इसकी जानकारी सरकार को थी इसीलिए हम लोगों का आंदोलन सफल न हो इसीलिए सरकार ने आवाज व आंदोलन दबाने के लिए यह षडयंत्र रचा है। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दूबे ने कहा कि मुकदमा दर्ज कराने के पीछे गहरी साजिश है। धर्मसेना के बैनर तले चलाये जा रहे राम मंदिर निर्माण हेतु आंदोलन से न सिर्फ प्रशासन बल्कि सत्ता में बैठे राम द्रोहियों को भी अपना सिंहासन डोलता प्रतीत हो रहा था। उक्त आंदोलन से पहले दिन से ही सत्तापक्ष में बैचेनी फैलने लगी थी यह बैचेनी तब और बढ़ी जब आंदोलन जनपद से निकलकर अन्य जनपदों में फैलने लगा था। कमीश्नर मनोज मिश्र द्वारा ज्ञापन न लेना इसी बैचेनी व दबाव का परिणाम था। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पाण्डेय ने कहा कि एस.टी. एस.सी. एक्ट में शामिल 18 ए के संशोधन के लिए हमारा विरोध था। सरकार की गलत नीतियों के विरूद्ध हमने विगुल फूंका था। सरकार अपनी नीतियों में सुधार करने की बजाय उसकी आलोचना करने वालों के विरूद्ध ही भृकुटी ताने बैठी है। सरकार हिटलर व मुसोलिनी की भूमिका में आकर लोकतंत्र का गला घोटने पर तुली है। सामाजिका कार्यकर्ता व अयोध्या धाम समिति के संयोजक संजय महेन्द्रा ने कहा कि सरकार अपनी गलत व विध्वंशकारी नितियों में सुधार न करके उस पर आक्रोश प्रकट करने वाली आम जनता पर ही दमनरूपी चाबुक चलाकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। प्रवक्ता पाटेश्वरी सिंह ने कहा कि आंदोलन कर रहे लोगों की मांग प्रधान मंत्री नरेन्द्रमोदी का अयोध्या आकर रामलला दर्शन करने की थी, जब प्रधानमंत्री मस्जिद-मस्जिद घूम सकते हैं तो जिस राम ने उन्हें सत्ता दिलायी उसे वह भला कैसे भूल सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता वेदराजपाल ने कहा कि जनपद में जिन लोगों के विरूद्ध एस.टी., एस.सी. एक्ट लगा है वे भाजपा के समर्थक व उनके अनुसांगिक संगठनों के सदस्य हैं जनपद के सांसद व विधायकों ने उनका साथ नहीं दिया तो ऐसे में अगर हम उनकी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे तो हमने कौन सा गुनाह कर दिया। प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि एक मुकदमा दर्ज होने से हमारे हौसले पस्त नहीं होंगे। प्रेस वार्ता में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई आर-पार की होगी। राम मंदिर व एस.टी., एस.सी. एक्ट पर उठ रही आवाजों का दमन कर अगर सरकार की मंशा आंदोलन कारियों को फर्जी मुकदमें कायम कर जेल भेजने की है तो उचित यही होगा कि हम खुद ही सामूहिक रुप से गिरफ्तारी दें। सरकार जब चाहे जहां चाहे हमे गिरफ्तार कर सकती है क्यांेकि जब तक हम जीवित रहेंगे न राम मंदिर मुद्दा छोंड़ेगे और न ही एस.टी., एस.सी. पर चुप ही बैठेंगे। पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से भाजपा पार्षद दिलीप यादव, विजय तिवारी, रिक्की चैबे, राम लाल जयसवाल, सत्येन्द्र पाण्डेय, ओम प्रकाश पाण्डेय, अधिवक्ता राधेशरण मिश्र आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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