पत्रकारिता में परिवर्तन की आवश्यकता

 

वरिष्ठ पत्रकार स्व. राजेन्द्र पाण्डेय की मनी चौथी पुण्य तिथि, हुई संगोष्ठी

आपातकाल में पत्रकारों ने विपरीत परिस्थितियों में भी जागरुकता लाने का कार्य किया। पत्रकार का कर्तव्य निर्भीक होकर किसी भी घटना को समाज के समक्ष सत्य स्वरुप में लाना है। मुख्य वक्ता योगेश मिश्रा ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां है। भाषा, रोजगार की भी चुनौती है। एक अखबार में मौसम को लेकर खबरों का दबाव था। खबर को लिखने वाले पत्रकार की बेटी ने कहा कि आज आप मौसम की जानकारी को लेकर इतना क्यों परेशान है। गूगल पर अगर मौसम की जानकारी चाहे तो आसानी से मिल सकती है। आधुनिकता को देखते हुए पत्रकारिता में परिवर्तन की आवश्यकता है।

फैजाबाद। वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र पाण्डेय की चैथी पुण्यतिथि पर प्रेस क्लब में वर्तमान में पत्रकारिता विषय पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि राजनीति में शुरुवात में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता की भूमिका के दौरान वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र पाण्डेय का सानिध्य मिला था। ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा व आचरण की जो सीख उनसे मिली वह आज भी स्मृतियों में शेष है। पत्रकार की कलम समाज में परिवर्तन लाने में सहायक होती है। आज के दौर में पत्रकारों को उनसे सीख लेनी चाहिए। प्रेस क्लब वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र पाण्डेय स्मृति में अगर कोई निर्माण करना चाहता है तो वह उसका प्रस्ताव बनाकर नगर निगम को भेजे। जिसको पास कराकर यह निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जायेगा।

क्षेत्रीय संगठन मंत्री बृजबहादुर ने कहा कि पत्रकारों का आजादी के आन्दोलन में बड़ा योगदान रहा है। आपातकाल में पत्रकारों ने विपरीत परिस्थितियों में भी जागरुकता लाने का कार्य किया। पत्रकार का कर्तव्य निर्भीक होकर किसी भी घटना को समाज के समक्ष सत्य स्वरुप में लाना है। मुख्य वक्ता योगेश मिश्रा ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां है। भाषा, रोजगार की भी चुनौती है। एक अखबार में मौसम को लेकर खबरों का दबाव था। खबर को लिखने वाले पत्रकार की बेटी ने कहा कि आज आप मौसम की जानकारी को लेकर इतना क्यों परेशान है। गूगल पर अगर मौसम की जानकारी चाहे तो आसानी से मिल सकती है। आधुनिकता को देखते हुए पत्रकारिता में परिवर्तन की आवश्यकता है। अखबारों में कुछ नया मिलना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार वीएन दास ने कहा कि व्यवसायिक होने के साथ पत्रकारिता के मूल मंत्र को भी नहीं भूलना चाहिए। टेक्नालिजी का पत्रकारिता पर प्रभाव पड़ रहा है। प्रेस क्लब सचिव त्रियुगनारायन तिवारी ने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता किन परिस्थितियों में हो रही है यह भी एक विचारणीय विषय है। पत्रकार समाज को दिशा देने का कार्य करता है। बदलते समाज में लोगो का विश्वास अभी भी पत्रकारों के उपर कायम है। अवध विश्वविद्यालय के प्रो अजय प्रताप सिंह ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र पाण्डेय वर्तमान मंे पत्रकारों के लिए आदर्श के समान थे। उनकी ईमानदारी, खबरों के प्रति निष्पक्षता की चर्चा आज भी बुद्धजीवियों के बीच होती है। पूर्व मंत्री अनिल तिवारी ने कहा कि इस बदलते माहौल में अगर पत्रकारों पर लोगो का विश्वास कायम है तो यह पत्रकारिता की सबसे बड़ी उपलब्धि है। वर्तमान में पत्रकारों को वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र पाण्डेय से विपरीत परिस्थितियों में कार्य करने की सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर सहकारी बैंक के चेयरमैन धमेन्द्र प्रताप सिंह टिल्लू, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन दास, डा बांके बिहारी मणि त्रिपाठी, विश्वनाथ सिंह, रामकृष्ण तिवारी, ओम प्रकाश सिंह, डा वीरेन्द्र त्रिपाठी, कांग्रेस प्रदेश सचिव डा राजेन्द्र प्रताप सिंह, सूर्यकांत पाण्डेय, आदित्यनारायन मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, गिरीश पाण्डेय डिप्पुल, निशेन्द्र मोहन मिश्रा, परमानंद मिश्रा, कृष्ण कुमार पाण्डेय खुन्नू, निरंकार सिंह, चन्द्र प्रकाश गुप्ता, विजय गुप्ता, इं0 रणवीर सिंह, दिव्य प्रकाश तिवारी, डा राकेश वशिष्ट, दिवाकर सिंह, रोहित पाण्डेय, सिराजुल हक, नीरज श्रीवास्तव, राजेश तिवारी, अभय प्रकाश, वासुदेव मौर्या, मोहित पाण्डेय, आकाश मणि त्रिपाठी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरि कृष्ण अरोड़ा व संचालन इन्दुभूषण पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर पत्रकारों में विमलेश तिवारी, सुरेश पाठक,उग्रसेन मिश्रा, सूर्यनरायन सिंह, पवन मिश्रा, नवनीत श्रीवास्तव, नाथ बक्श सिंह, चन्द्रेश सिंह मौजूद रहे। आये हुए लोगो का वरिष्ठ पत्रकार रमाशरण अवस्थी ने आभार ज्ञापित किया।

इसे भी पढ़े  WHO के प्रमाणपत्र से अलंकृत हुए डा. आलोक मनदर्शन

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More