गोपनीय मनोरेचन व अंतर्दृष्टि का संवर्धन करेगा मन कक्ष : डा. आलोक मनदर्शन

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मन कक्ष के मनोतकनीकीय पहलू पर आधारित कार्यशाला का आयोजन

फैजाबाद। मनदर्शन मिशन के संस्थापक व जिला चिकित्सालय के किशोर मनोपरामर्शदाता डॉ आलोक मनदर्शन ने मन कक्ष के उद्घाटनोंपरांत आयोजित कार्यशाला में मन कक्ष के तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा मनकक्ष की संकल्पना ही गोपनीयता, सुलभता व सम्वेदनशीलता पर आधरित है। जिससे मनोआहत सेवार्थी निःसंकोच व बेहिचक भावनात्मक सहयोग व मनोपरामर्श के लिये आ सकता है क्योंकि मनकक्ष में पूरी गोपनीयता व स्वीकार्यता का आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है।

👉मनकक्ष की फिलोसोफी:

साथ ही इस फिलोसोफी को भी ध्यान में रखा गया है कि सेवार्थी जब तक अपनी पूरी बात कह कर अपने नकारत्मक मनोभावों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति नही कर लेता है, तब तक उसका मन हल्का नही होता है । इसी मनोवृति को सूक्ति के रूप मे मनकक्ष में बड़े अक्षरों में लिखा गया है।” कहेहु ते कछु ,दुख घटि होइ। काहि कहेहु यह,जानि न कोई।

👉मनकक्ष परामर्श के मनोगतिकीय चरण:

मनकक्ष मे आने वाले सेवार्थी को प्रथम चरण में मेन्टल कैथार्सिस का अवसर दिया जायेगा जिससे वह अपनी दमित भावनाओं को खुल कर अभिव्यक्त कर सके।दूसरे चरण में सपोर्टिव तकनीक का प्रयोग करते हुए आत्मविश्वास विकसित किया जायेगा ।तीसरे चरण में उसकी अंतर्दृष्टि का विकास काउंटर प्रोजेक्टिव तरीके से किया जायेगा तथा अंतिम चरण में रियलिटी ओरिएंटेशन तथा स्ट्रेस कोपिंग कैपेसिटी का विकास किया जायेगा। इस प्रकार मनकक्ष मनोव्यथित सेवार्थी के लिये रामबाण साबित होगा।
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