सरकारी डाक्टर के पालतू नीम-हकीम कर रहे इलाज

    काॅल के बावजूद मरीज को देखने भेजा दलाल, मौत

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    फैजाबाद। मण्डल मुख्यालय पर स्थित सरकारी जिला चिकित्सालय भी पूरी तरह दलालों की गिरफ्त में आ गया है। यहां तैनात डाक्टर नीम हकीम बिना डिग्री धारक लोगों को पाल रखा है जिनसे मरीजों का इलाज करवाया जाता है। शनिवार को ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने गम्भीर हालत में मरीज को देखने अपने दलाल को भेज दिया। समय से चिकित्सा न होने के कारण अन्ततः भर्ती मरीज की मौत हो गयी। जिला चिकित्सालय में शनिवार को इमरजेंसी ओपीडी में ईएमओ डा. एच.बी. सिंह की तैनाती थी। डाक्टर साहब का हाल यह है कि यह अपने साथ मरीज को देखने के लिए बिना डिग्री धारक लोगों को ही नहीं लाते हैं बल्कि मेडिकल स्टोर का दलाल और टांका लगाने के लिए भी एक व्यक्ति को साथ रखते हैं। 4 मई को सेवा हास्पिटल देवकाली से रिफर 40 वर्षीय अमीरचन्द्र शंकर पुत्र स्व. लालू निवासी मोहल्ला अमानीगंज कोतवाली नगर को लाकर जिला चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। शनिवार को जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो मेडिकल वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स ने इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे ईएमओ डा. एचबी सिंह को मरीज की चिकित्सा के लिए काॅल भेजा। डा. सिंह ने लापरवाही का परिचय देते हुए खुद न जाकर अपने पालतू नीम हकीम को मरीज को देखने के लिए भेजा। वहां पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने नीम हकीम द्वारा मरीज की
    जांच करते हुए फोटो भी कैमरे में कैद कर लिया गया। इसी बींच मरीज की मौत हो गयी। मरीज की मौत होने के बाद डा. सिंह होश में आसे तब जाकर वार्ड में उन्होंने डेथ घोषित किया है।

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    इसी बींच समाजसेवी राजन सिंह पियूष भी दुर्घटना में घायल होने के बाद जिला चिकित्सालय इलाज कराने पहुंचे तब डा. सिंह लापता थे। राज सिंह पियूष ने बवाल करना शुरू किया तो वहां पर तैनात अन्य कर्मचारियों ने उन्हें फोन करके बुलाया। समाजसेवी का कहना है कि इमरजेंसी ओपीडी में टांका लगाने का तागा तक नहीं था जिसे सिंह मेडिकल स्टोर से 144 रूपये में खरीदवाया गया तब जाकर टांका लगा। समाजसेवी ने कहा है वह इसकी शिकायत जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष व जिलाधिकारी डा. अनिल कुमार से करेंगे। यदि तभी भी हालत न सुधरी तो चरणद्ध आन्दोलन शुरू करेंगे।