दुष्कर्म में विफल किशोर ने उतारा था मौत के घाट

 

सह आरोपी माता, पिता व भाई भी भेजे गये जेल

फैजाबाद।  अबोध बालिका किंजल की निर्मम हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। खुलासा में सामने आया है कि साढ़े तीन साल की किंजल पुत्री जितेन्द्र कोरी को पड़ोस में रहने वाला 16 वर्षीय किशोर बहला फुसलाकर अपने घर ले गया था। दुराचार में सफल न होने पर वह बालिका की चीख पुकार के कारण किशोर ने बालिका का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह जानकारी पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय कुमार ने पत्रकारों को दिया।

उन्होंने बताया कि महाराजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम राजेपुर में 22 अप्रैल को अबोध किंजल के अपहरण व गायब होने के सम्बन्ध में थाना में मु.अ.स. 139/18 आईपीसी की धारा 363 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। 12 घंटे के अन्दर ही 25 अप्रैल को सुबह लगभग 6 बजे लापता बालिका का शव उसके घर से एक घर छोड़कर पाॅलीथीन बैग से बरामद किया। इस सम्बन्ध में गांव के ही नीरज ने पुलिस की मदद किया। उसके सहयोग से मुख्य अभियुक्त 16 वर्षीय विश्वास कांत उर्फ ओपी पुत्र बब्बन  को गिरफ्तार कर लिया गया। शव को छिपाने में सहयोग करने वाले ओपी के पिता बब्बन कोरी पुत्र दयाराम, भाई सुधीर कांत व मां नीलम देवी को भी पुलिस ने सह आरोपी बनाया है।

एसपी ग्रामीण ने बताया कि जिस समय विश्वास कांत उर्फ ओपी ने घटना को अंजाम दिया उस समय घर में उसके मां, पिता व भाई नहीं थे। परिवार के सदस्य जब घर आये तब विश्वासकांत ने बताया कि गलती हो गयी है और किंजल मर गयी है। यह बताये जाने के बावजूद परिवार के लोगों ने मामले को छुपाये रखा और शव को खाद के पाॅलीबैग में डालकर छिपा दिया। तीन दिन बाद जब शव से दुर्गन्ध आने लगी तो घर के पास ही विश्वासकांत के परिवारीजनों ने शव को फेंक दिया। सुबह लोगों ने जब शव देखा तो पुलिस को सूचना दिया। पुलिस ने बोरी से शव को निकलवाया तो वह काफी फूलकर विकृत गया था। जितेन्द्र कोरी की पत्नी ने किंजल के वस्त्रों के आधार पर शिनाख्त किया। पकड़े गये अभियुक्त व सह आरोपियों ने पूंछताछ के दौरान घटना के सम्बंध में पूरी जानकारी दी। मुख्य आरोपी के विरूद्ध पूर्व में दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 363, 302, 201, 376, 511 व पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 लगाकर जेल भेज दिया है। इस सम्बंध में एसएसपी ने घटना का अनावरण करने वाले पुलिस दल को 15 हजार रूपये बतौर इनाम स्वीकृत किया है।

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