दिल के बहलाने का सामान ना समझा जाये….

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डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 23वें  दीक्षान्त समारोह की संध्या पर हुआ कवि सम्मेलन

फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 23 वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 15 सितम्बर की सायंकाल स्वामी विवेकानंद सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविता पाठ से श्रोताओं को। मंत्र मुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ कवित्री मानसी द्विवेदी द्वारा गया गया माँ सरस्वती वंदना से हुई। कविता पाठ करते कवि वाहिद अली वाहिद ने ‘मियां वाहिद बोलत मौला अली बजरंग बली बजरंग बली…‘ सुनाकर खूब वाह वाही बटोरी। अटल जी को याद करते हुए कवि वाहिद ने 13 फंस गया अटल जी के फेर में…। वर्तमान राजनीति पर कटाक्ष करते हुए वाहिद अली ने अच्छे दिन का ये मतलब है.. चेहरों पर मुस्कान रहें… । सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। मानसी द्विवेदी ने अपनी कविता में महिलाओं के हक व सम्मान के लिए ‘दिल के बहलाने का सामान ना समझा जाये…. मुझको इतना भी आसान ना समझा जाये…’। व मैं कुसुम हूं गुलाब का कांटो पे खिली हूं… हर चक्रव्यूह तोड़कर मंजिल से मिली हूं…। सुनाकर बेटी बचाओ और महिलाओं के सम्मान की बात कविता के माध्यम से कही।   हास्य व्यंग्य के कवि सुनील कुमार तंग ने वफादारी करने में अदाकारी नही करता.. वफादारी का ये आलम, सब कुत्ता समझते हैं… यही सब सोचकर वफादारी नहीं करता…। सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। कलीम कैसर ने अपने गजल श्अपना ये द्वारोद्वार नही लगता.. घर को देखूं तो घर नही लगता.. दर्द ये सोचकर कमाया है… इसपे कुछ आयकर नही लगता……। सुनाकर सुधि श्रोताओं को बाँधे रखा। कवि सम्मेलन में कवि निर्मल दर्शन, प्रमोद कुमार कुश, अशोक टाटम्बरी, ने अपनी अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरूआत कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित व विशिष्ट अथिति भारतीय शिक्षण मण्डल के संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर जी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित के एक वर्ष के किये गए कार्यों को श्एक साल बेमिसालश् चार मिनट के डॉक्युमेंट्री फिल्म के माध्यम से दिखाया गया। इसी क्रम में गजल गायिका बेगम अख्तर पर बन रही फिल्म के प्रोमो को भी दिखाया गया। कार्यक्रम में बेगम अख्तर को याद करते हुए उपस्थित जनों ने कैंडल जलाया।  कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो0 एस0एन0 शुक्ला व कुलसचिव की पत्नी डॉ0 हेमलता शुक्ला, कुलानुशासक प्रो0 आर0 एन0 राय, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 आशुतोष सिन्हा, प्रो0 एम0 पी0 सिंह, प्रो0 रमापति मिश्रा, प्रो0 अशोक शुक्ला, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, डॉ0 शैलेन्द्र वर्मा, डॉ0 आर0 के0 सिंह, डॉ0 विनोद कुमार श्रीवास्तव, ई0 आर0 के0 सिंह, डॉ0 अनिल यादव, वंदिता पांडेय, सुधीर श्रीवास्तव, अवधेश यादव, आदि शिक्षक, कर्मचारी सहित छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो0 आर0पी0 मिश्रा ने किया।

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