ग्रामीण क्षेत्रों के डाकिया बाबू अब बनेंगे ‘बाहुबली’

इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक को घर-घर पहुंचाने की योजना के तहत डाक विभाग ने आरम्भ की “कौन बनेगा बाहुबली” योजना

कौन बनेगा बाहुबली योजना के बारे में जानकारी देते डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

अयोध्या। डाक विभाग ग्रामीण स्तर पर ‘इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ को प्रोत्साहित करने हेतु  ग्रामीण डाक सेवकों के लिये “कौन बनेगा बाहुबली” स्कीम लेकर आया है। फैजाबाद मण्डल की बैठक के दौरान लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के डाकघरों में इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक के अब तक 12 लाख से ज्यादा खाते खुल चुके हैं। यह संख्या बढ़ाने के लिए ग्रामीण डाक सेवकों को ‘बाहुबली’ योजना से जोड़ा जा रहा है, जो 15 जून तक चलाई जाएगी। इन डाक सेवकों को खाता खोलने के लिए डिजिटल उपकरण दिए गए हैं। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक देश का पहला ऐसा बैंक है जो घर बैठे पैसा निकालने और जमा करने की सुविधा देता है। इसी क्रम में आइपीपीबी  ने कौशल विकास मंत्रालय की योजना के अंतर्गत सभी ग्रामीण डाक सेवकों को और भी प्रशिक्षित करने के लिए एक वृहद् अभियान “कौन बनेगा बाहुबली” की शुरुआत की है जिसके माध्यम से वे ग्राहकों को और बेहतर एवं प्रभावी तरीके से बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। श्री यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर बांटने वाले डाकिए वित्तीय समावेशन के तहत घर-घर जाकर  इंडिया पोस्ट पैमेंट बैक के  खाते खुलवाएंगे। इस योजना में जो डाकिया बढ़-चढ़ कर खाते खोलेगा, उसे ‘बाहुबली’ तमगे के साथ प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र और दिल्ली में पुरस्कृत कराने का प्रावधान किया गया है। इसके लिये डाकिया को अपने गाँव में न्यूनतम 100 रुपये से 20 आइपीपीबी खाते खोलने होंगे, जिन्हें डाकघर बचत खाते से भी लिंक करना होगा। डाक सेवक को इस हेतु प्रोत्साहन राशि के अलावा तीन वर्ष का 2 लाख का दुर्घटना बीमा, एवं कौशल विकास मंत्रालय की तरफ से प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जायेगा।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस मुहिम में हजारों ग्रामीण डाक सेवक शामिल हैं, ताकि  ज्यादा से ज्यादा लोगों के खाते खुलवाये जा सकें। इन्हें पोस्ट ऑफिस के बचत खाते से भी लिंक किया जायेगा। बैंक में एक लाख रूपये तक ही जमा कर सकेंगे।  खाता खोलने के लिए आधार और मोबाइल नंबर के अलावा बॉयोमेट्रिक के रूप में अंगूठे का निशान लगता है। डाक विभाग ने इस बैंक के लिए टैग लाइन ‘आपका बैंक आपके द्वार’ रखी है।
 गौरतलब है कि सितम्बर 2018 में प्रधानमंत्री श्री  नरेंद्र मोदी ने देशभर के 650 शाखाओं में एक साथ इस बैंक का शुभारंभ किया था। उत्तर प्रदेश में इसकी 73 शाखाएं है, जिनके जरिए प्रदेश के लगभग 17664 डाकघरों में  सुविधा दी जा रही है। यह संख्या उत्तर प्रदेश में मौजूदा सभी राष्ट्रीय, निजी और ग्रामीण व सहकारी बैंको की कुल संख्या से भी अधिक है। बैठक में मण्डल के प्रवर अधीक्षक डाकघर जे बी दुर्गापाल, रोहित कुमार, सत्येन्द्र प्रताप सिंह, मनोज, अलका गौड़, सिंकू रावत, एस आर भारती आदि दर्जनों उपस्थित रहे

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