सक्रिय होती पुलिस तो गिरफ्त में होते हत्यारोपी: राजन पाण्डेय

पीड़ित लोगों की समस्याएं सुनते समाजसेवी राजन पाण्डेय
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 समाजसेवी ने सुनी पीड़ितों की समस्याएं

फैजाबाद। समाजसेवी राजन पाण्डेय ने अपने कुमारगंज स्थित आवास पर पहुुचे पीड़ितों की समस्याओं को सुनते हुए उनकी यथासम्भव मदद करने का प्रयास किया। इन सबके बींच अपने पिता की हत्या पर कोई कार्यवाही न किये जाने पर डीली सरैया ग्राम निवासी अंशुमान चैबे व अरून चैबे ने समाजसेवी से पिता की हत्या में दोषियों को सजा दिलाने हेतु अपनी व्यथा सुनाई। रो-रोकर पिता स्व. शेष नारायन चैबे के न होने की दर्द भरी दास्ता सुनकर समाजसेवी राजन पाण्डेय की आंखे छलक उठीं। 75 दिन की घटना हो जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन की घटना के प्रति उदासीन रवैये की जानकारी मिलने पर श्री पाण्डेय ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसके पूर्व मं भी मैने इस घटना के सन्दर्भ में दोषियों को सजा दिलाने व गिरफ्तार करने के लिए एसओ, सीओ आदि अधिकारियों से वार्ता की थी व इनके द्वारा दिये गये आश्वासन से घटना में दोषियों केा पुलिस द्वारा गिरफ्तार न किए जाने पर पत्र भी लिखा था। उन्होंने पीड़ित दुखिल लोगां के मध्य कहा कि यदि इसी प्रकार खण्डासा पुलिस ने इस घटना केे प्रति सक्रियता दिखाई होती जैसे कि खण्डासा पुलिस ने चोरी की घटना में दिखाई थी व अपने दामन को बेदाग साबित करते हुए खण्डासा पुलिस ने तीन निर्दोष व्यक्तियों जो कि गरीब व बेबस है उन्हें अपराधी साबित करते हुए तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपनी पीठ थपथपायी। काश यदि वही सक्रियता हत्या की घटना में भी पुलिस प्रशासन द्वारा अपनायी गयी होती तो आज इन अपराधियों को इनके किए की सजा कब की मिल गयी होती। समाजसेवी ने इस घटना व इसके पूर्व हुई डीली सरैया, चैबे हत्याकाण्ड, की पारदर्शिता पूर्ण ढंग से जांच किये जोन व घटनाओं के दोषियों के प्रति सख्त से सख्त कार्यवाही यथाशीघ्र किये जाने को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा व गरीब दुखी पीड़ितों को न्याय दिए जाने की मांग की। समाजसेवी ने जनता के मध्य कहा कि वे अपने गरीबों के हक व उनको न्याय दिलाने के लिए अपने अन्तिम क्षण तक प्रयास करते रहेंगे चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कीमत चुकानी पड़े वे सदैव तत्पर हैं।