पोंजी कंपनियों द्वारा गरीब निवेशकों के लूटे जाने का मामला विधानसभा में गूंजा

मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में खुली थी कई पोंजी कंपनियां, थानों में मुकदमे दर्ज होने के बावजूद खुलेआम घूम रहे आरोपी

मिल्कीपुर। विधानसभा क्षेत्र मिल्कीपुर में पोंजी कंपनियां खोलकर गरीब निवेशकों का पैसा डकारने का मामला विधानसभा में गूंजा है। मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा ने प्रकरण को विधानसभा अध्यक्ष के सामने उठाते हुए कठोर कानून बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि जब तक कंपनियों द्वारा निवेशकों का पैसा वापस न लौटा दिया जाए तब तक उन्हें जेल में ही रखा जाए। साथ ही यदि जिले में किसी भी कंपनी का संचालन हो तो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को सीधे दोषी ठहराया जाए।
बताते चलें कि मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र मैं तमाम पोंजी कंपनियां संचालित हो रही थी। जिसमें प्रमुख रुप से अनी बुलियन ट्रेडर्स कंपनी, आई विजन क्रेडिट सोसायटी, श्रीराम बुलियन कंपनी, हनी डेल कंपनी , शंकर गोपालन कंपनी, आदित्य ट्रेडर्स, आकाश बिजनेस सेंटर कुमारगंज, ड्रीम बुलियन कंपनी व शिवा ग्रुप कुचेरा सहित दर्जनों कंपनियां शामिल हैं। कंपनी संचालकों द्वारा भोले-भाले ग्रामीण निवेशकों को मात्र 1 वर्ष में जमा किया गया धन दोगुना करने के नाम पर लोक लुभावन झांसा दिया गया था। इसके उपरांत कंपनी के एमडी सहित उनके सहयोगियों द्वारा निवेशकों को ब्याज की तो बात दूर मूलधन तक वापस नहीं किया और वह लूट का खसोट मचाकर फुर्र हो गए। उपरोक्त वर्णित सभी कंपनियों के विरुद्ध लगभग जिले के कई थानों में अलग-अलग सुसंगत धाराओं में मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं अनी बुलियन के निदेशक अजीत गुप्ता इस समय जेल में है परंतु उनकी दूसरी कंपनी आई विजन क्रेडिट कंपनी के निदेशक मंडल को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। कुमारगंज थाने में एक मुकदमा अपराध संख्या 62 /2020 के तहत दर्द है जिसके आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। आज तक उन्हें कुमारगंज पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। धोखाधड़ी के आरोप में आरोपी किए गए कई कंपनियों के एमडी सहित उनके सहयोगी खुलेआम घूम रहे हैं जिनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है यह विषय केवल मिल्कीपुर विधानसभा का न होते हुए विधायक श्री बाबा ने देश और प्रदेश का विषय बताया है उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में साफ-साफ लिखित किया है कि इन कंपनियों के मालिक अपने धनबल के प्रभाव से छूट जाते हैं और कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि जब तक पोंजी कंपनियों के संचालकों द्वारा निवेशकों का एक-एक पाई वापस ना लौटा दिया जाए तब तक उन्हें जेल की ही सीख जो में रखा जाए।

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